राष्ट्रीय सुरक्षा में तथा राष्ट्रजीवन के क्षेत्र में आईटी के भविष्य के उपयोग हेतु विशेषज्ञ समिति गठित करे केंद्र सरकार
भाजपा आईटी दृष्टिकोण पत्र का अध्ययन कर उसे लागू करे केंद्र सरकार
केंद्रीय सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सायबर सुरक्षा हेतु सायबर सेना गठित किया जाना निश्चित किया है, यह देर से लिया गया निर्णय है, अब यह आवश्यक है कि सायबर सेना के गठन में और देर न हो तथा समस्त अडचने तत्काल दूर की जावे | इन्टरनेट के बढ़ते प्रचलन, इन्टरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या तथा समस्त सूचनाएँ एकत्रित कर संगृहीत रखने के लिए संस्थानों के प्राइवेट नेटवर्क के प्रचलन में तेजी से वृद्धि होने के साथ ही साथ सायबर अपराधियों की संख्या में बढोतरी हुई है | जहाँ वित्तीय संस्थाओं ने अपने ग्राहकों को खाते के संचालन की सुविधा इन्टरनेट पर दी है वही शैक्षणिक संस्थाओं ने ई - शिक्षा तथा अन्य संस्थाओं ने अपनी अपनी जानकारियाँ इन्टरनेट पर उपलब्ध कराई हैं | सुरक्षा सेनाओं, संस्थानों तथा शासकीय विभागों ने भी प्राइवेट इंट्रानेट, एक्स्ट्रानेट तथा इंटरनेट नेटवर्क का बड़े तौर पर उपयोग प्रारंभ किया है |
आईटी की बढ़ती उपयोगिता एवं विकास में महती भूमिका के मद्देनजर ही भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी, श्रीमती सुषमा स्वराज, श्री अरुण जेटली, श्री राजनाथसिंह, श्री अनंतकुमार, श्री रविशंकर प्रसाद ने दि 14 मार्च 2008 को भविष्य में आईटी के उपयोग से देश की प्रगति का ठोस कार्यक्रम आईटी विज़न दृष्टिकोण पत्र के रूप में जनता के समक्ष प्रस्तुत किया था | इस दृष्टिकोण पत्र में ही भाजपा ने राष्ट्र की सुरक्षा को अत्यंत मानते हुए सायबर सुरक्षा हेतु सायबर सेना गठित करने का प्रस्ताव किया था |
परन्तु केंद्रीय सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय , सेना के ३३ वीं कोर तथा अन्यान्य संस्थानों के कंप्यूटर सिस्टम्स पर चीनी हैकरों द्वारा किया गये हमलों और सूचनाओं की चोरी के एक वर्ष बाद ही यह निश्चय किया है, पाकिस्तानी हैकरों के द्वारा पेंटागन पर हमले एवं सूचनाओं की चोरी के बाद इस दिशा में केंद्र को गंभीर हो जाना चाहिए था | परन्तु यूपीए शासन राष्ट्र की सुरक्षा के बारे में अत्यंत लापरवाही से काम करता रहा है |
अब जब जनगणना , यूनिक पहचानपत्र इत्यादि हेतु शक्तिशाली सिस्टम्स तथा बड़े बड़े डाटा वेयरहाउस बनाये जा रहे है तथा संस्थानों के डाटा वेयर हाउस कार्य रत हैं | ऐसे समय अत्यंत गंभीरता एवं तेजी से इस दिशा में केंद्रीय सरकार को कदम उठाना चाहिए | देश की आईटी के प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध तकनीकी विशेषज्ञों की सेवाओं का सहयोग इस कार्य में लिया जाना चाहिए | आईटी एक्ट २००० तत्कालीन एनडीए सरकार ने लागू किया था जिसे आधार बनाकर अबतक कार्य सम्पादित किये गये हैं यदि आवश्यक हो तो सायबर विशेषज्ञों की मदद लेकर अद्यतन किया जाना चाहिए ताकि प्रत्येक पहलू पर ध्यान दिया जा सके |
यह आवश्यक है कि केंद्र सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर आज ही एक विशेषाधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति करे, भाजपा के आईटी दृष्टिकोण पत्र का अध्ययन करे एवं उसे समग्र रूप से भविष्य की रूपरेखा हेतु पुरोगामी निर्णय लेकर लागू करे |
उल्लेखनीय है उक्त दृष्टिकोण पत्र के यूनिक पहचानपत्र तथा कम कीमत के लैपटॉप संबंधी विषयों के बारे में पहले ही निर्णय केंद्र ने लागू किया हैं |
आईटी की बढ़ती उपयोगिता एवं विकास में महती भूमिका के मद्देनजर ही भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी, श्रीमती सुषमा स्वराज, श्री अरुण जेटली, श्री राजनाथसिंह, श्री अनंतकुमार, श्री रविशंकर प्रसाद ने दि 14 मार्च 2008 को भविष्य में आईटी के उपयोग से देश की प्रगति का ठोस कार्यक्रम आईटी विज़न दृष्टिकोण पत्र के रूप में जनता के समक्ष प्रस्तुत किया था | इस दृष्टिकोण पत्र में ही भाजपा ने राष्ट्र की सुरक्षा को अत्यंत मानते हुए सायबर सुरक्षा हेतु सायबर सेना गठित करने का प्रस्ताव किया था |
परन्तु केंद्रीय सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय , सेना के ३३ वीं कोर तथा अन्यान्य संस्थानों के कंप्यूटर सिस्टम्स पर चीनी हैकरों द्वारा किया गये हमलों और सूचनाओं की चोरी के एक वर्ष बाद ही यह निश्चय किया है, पाकिस्तानी हैकरों के द्वारा पेंटागन पर हमले एवं सूचनाओं की चोरी के बाद इस दिशा में केंद्र को गंभीर हो जाना चाहिए था | परन्तु यूपीए शासन राष्ट्र की सुरक्षा के बारे में अत्यंत लापरवाही से काम करता रहा है |
अब जब जनगणना , यूनिक पहचानपत्र इत्यादि हेतु शक्तिशाली सिस्टम्स तथा बड़े बड़े डाटा वेयरहाउस बनाये जा रहे है तथा संस्थानों के डाटा वेयर हाउस कार्य रत हैं | ऐसे समय अत्यंत गंभीरता एवं तेजी से इस दिशा में केंद्रीय सरकार को कदम उठाना चाहिए | देश की आईटी के प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध तकनीकी विशेषज्ञों की सेवाओं का सहयोग इस कार्य में लिया जाना चाहिए | आईटी एक्ट २००० तत्कालीन एनडीए सरकार ने लागू किया था जिसे आधार बनाकर अबतक कार्य सम्पादित किये गये हैं यदि आवश्यक हो तो सायबर विशेषज्ञों की मदद लेकर अद्यतन किया जाना चाहिए ताकि प्रत्येक पहलू पर ध्यान दिया जा सके |
यह आवश्यक है कि केंद्र सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर आज ही एक विशेषाधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति करे, भाजपा के आईटी दृष्टिकोण पत्र का अध्ययन करे एवं उसे समग्र रूप से भविष्य की रूपरेखा हेतु पुरोगामी निर्णय लेकर लागू करे |
उल्लेखनीय है उक्त दृष्टिकोण पत्र के यूनिक पहचानपत्र तथा कम कीमत के लैपटॉप संबंधी विषयों के बारे में पहले ही निर्णय केंद्र ने लागू किया हैं |
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